रिपोर्टर : पवन सिंह परमार | जिला देवास
मौत का अंधा मोड़ बना बैराखेड़ी:प्याज से भरी आयशर पलटी, 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 2 जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे
देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। चौबारा-धीरा रोड स्थित ग्राम बैराखेड़ी के पास बने खतरनाक 90 डिग्री अंधे मोड़ पर प्याज से भरी तेज रफ्तार आयशर गाड़ी क्रमांक MP 09 GG 3681 अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि वाहन में सवार मजदूर प्याज की भारी बोरियों के नीचे दब गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आयशर तेज गति से गुजर रही थी। अंधे मोड़ पर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और गाड़ी सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया। रात के सन्नाटे में गूंजती मजदूरों की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े और राहत कार्य शुरू किया।

सूचना मिलते ही डायल-112, पीपलरावा पुलिस और डायल-108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मजदूरों को बोरियों के नीचे से बाहर निकाला। सभी घायलों को गंभीर हालत में सोनकच्छ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान 3 मजदूरों ने दम तोड़ दिया। वहीं 2 गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।
बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए सभी मजदूर ग्राम बालोन के निवासी हैं और रोजी-रोटी की तलाश में वाहन के साथ मजदूरी करने निकले थे। लेकिन किस्मत ने रास्ते में ही उनकी जिंदगी छीन ली।
वर्षों से हादसों का गवाह बना यह मोड़
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बैराखेड़ी का यह अंधा मोड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों ने यहां तत्काल चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया है।





