सरकार के झूठ से तंग आकर नरेगा कर्मचारियों ने वादों की चिट्ठियां जलाईं,
-15 जुलाई को पंचायत मंत्री के खन्ना स्थित घर को घेरने का ऐलान,

-नेताओं का आरोप: 18 साल से झूठे वादों से डंक मार रही है ब्यूरोक्रेसी, मंत्री बेबस दिख रहे हैं…
फरीदकोट, 10 जुलाई (अलेक्जेंडर डिसूजा): अपनी सर्विस को रूरल डेवलपमेंट एंड पंचायत डिपार्टमेंट में मर्ज करके परमानेंट करने की मांग को लेकर पिछले 40 दिनों से हड़ताल पर बैठे नरेगा कर्मचारियों का गुस्सा आज सातवें आसमान पर पहुंच गया। संगठन के राज्य स्तरीय आह्वान पर आज यहां जिला परिषद में बड़ी सभा करने के बाद कर्मचारियों ने एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) ऑफिस के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए वादों की चिट्ठियां जलाईं।
साढ़े चार साल बीत गए, कोई सुनवाई नहीं: हरपिंदर सिंह
इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए नरेगा कर्मचारी यूनियन जिला फरीदकोट के अध्यक्ष हरपिंदर सिंह ने कहा कि कर्मचारी पिछले 18 सालों से कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम कर रहे हैं। एक के बाद एक सरकारों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए नरेगा कर्मचारियों का हमेशा शोषण किया है। मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार ने भी सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों को परमानेंट करने की गारंटी दी थी, लेकिन आज साढ़े चार साल बीत जाने के बावजूद सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
मंत्रियों के साथ मीटिंग बेबस, ब्यूरोक्रेसी हावी:
यूनियन नेताओं ने तीखा आरोप लगाया कि पंजाब सरकार का ब्यूरोक्रेसी की मनमानी पर कोई कंट्रोल नहीं है। पिछले 40 दिनों के संघर्ष के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ दो और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद के साथ तीन पैनल मीटिंग हो चुकी हैं। दोनों मंत्रियों ने कर्मचारियों की मांगों को जायज तो माना, लेकिन वे ब्यूरोक्रेसी के आगे पूरी तरह बेबस दिखे।
हरपिंदर सिंह ने आगे बताया:
अधिकारियों का अड़ियल रवैया: 7 जुलाई को हुई हाई-लेवल मीटिंग में भी अधिकारियों ने वही 15 साल पुराने बहाने दोहराए। हर बार अधिकारी ‘फाइल तैयार करने’ का रूटीन अपनाते हैं, जबकि 1 जून को हुई मीटिंग में पंचायत मंत्री ने खुद एक हफ्ते का समय दिया था।
नौकरी से निकालने की धमकी: अब उन्हें परमानेंट करने के बजाय बड़े अधिकारी उन्हें नौकरी से निकालने और नई भर्ती करने की धमकी दे रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
करोड़ों रुपये उधार लेकर गांवों का विकास किया
नेताओं ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा कि नरेगा कर्मचारी ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं। मौजूदा सरकार के समय में भी कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये का सामान लोन पर लेकर गांवों का विकास किया और लाखों गरीब परिवारों को रोजगार सुनिश्चित किया। लेकिन आज जब कर्मचारी अपने हक मांग रहे हैं, तो सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के 70,000 नई नौकरियां देने और ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने के दावों को सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट करार दिया।
15 जुलाई को खन्ना में होगा महा-प्रदर्शन, यूनियन ने दोटूक चेतावनी देते हुए बड़ा ऐलान किया है; मंत्री के घर का घेराव: अगर सरकार ने तुरंत मांगें नहीं मानीं, तो 15 जुलाई को खन्ना में पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद के घर का घेराव किया जाएगा, जिसमें पूरे पंजाब से 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी हिस्सा लेंगे।
मुख्यमंत्री से सीधे सवाल: इसके अलावा सरकार के ‘लोक मिलानी’ प्रोग्राम में पहुंचकर मुख्यमंत्री से सीधे तीखे सवाल पूछे जाएंगे।
प्रदर्शन में ये रहे मुख्य रूप से मौजूद:
इस बड़े प्रोटेस्ट में जिला अध्यक्ष हरपिंदर सिंह के साथ ब्लॉक अध्यक्ष (फरीदकोट) हरप्रीत सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष (कोटकपूरा) बलराज सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष (जैतो) हरबंस सिंह प्रमुख रूप से शामिल हुए।
उनके अलावा गुरपिंदर कौर, वीरपाल कौर, करमजीत कौर, पवनदीप कौर, किरणदीप कौर, संदीप कौर, ललित अरोड़ा, राजवीर सिंह, पुशविंदर सिंह, गगनप्रीत सिंह, विनय कुमार, मोहित नारंग, कुलवीर शर्मा, जरनैल सिंह और खुशप्रीत सिंह हैप्पी समेत भारी संख्या में MGNREGA कर्मचारी और अन्य सहयोगी संगठनों के नेता उपस्थित थे।
न्यूज़: 10-2
फोटो संलग्न: कर्मचारियों द्वारा सरकार के वादों की चिट्ठियां जलाते और प्रदर्शन करते हुए।






