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सड़क कागजों में बनी, जमीन पर गड्ढे ही गड्ढे: पनपथा–कोठियां मुरूमीकरण में लाखों के गबन का आरोप, कार्रवाई ठंडे बस्ते में

admin
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सड़क कागजों में बनी, जमीन पर गड्ढे ही गड्ढे: पनपथा–कोठियां मुरूमीकरण में लाखों के गबन का आरोप, कार्रवाई ठंडे बस्ते में

 

रिपोर्ट: राजर्षि मिश्रा

बांधवगढ़।

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विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत पनपथा रेंज में पनपथा से कोठियां तक मुरूमीकरण सड़क निर्माण के नाम पर लाखों रुपये के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कागजों में सड़क का मुरूमीकरण दिखाकर सरकारी राशि निकाल ली गई, जबकि जमीन पर आज तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ। मामले की जानकारी संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और जिला प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पनपथा से कोठियां मार्ग पर आज भी कच्चा और ऊबड़-खाबड़ रास्ता ही मौजूद है। इस रास्ते से रोजाना गांव के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं गुजरते हैं। खासकर स्कूली बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रतिदिन पनपथा तक इसी खराब रास्ते से आना-जाना पड़ता है। जंगल क्षेत्र से गुजरने वाले इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और पत्थर होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के तत्कालीन रेंजर और डिप्टी रेंजर ने सड़क निर्माण के नाम पर लाखों रुपये खर्च दर्शाकर कागजों में ही मुरूमीकरण का कार्य पूरा दिखा दिया। जबकि हकीकत में सड़क आज भी बदहाल स्थिति में है। इस संबंध में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी खबरें प्रकाशित हुईं, लेकिन इसके बावजूद जांच और कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारियों को खुला संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण मामला लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।

जर्जर पुलिया से गुजरने को मजबूर ग्रामीण:

पनपथा से कोठियां मार्ग पर स्थित नाले के ऊपर बनी पुलिया भी अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। पुल की हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों और राहगीरों को सूखी लकड़ियां डालकर किसी तरह पुल पार करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत या नए पुल के निर्माण की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।

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ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना इसी पुलिया से गुजरते समय उन्हें जान का खतरा बना रहता है। खासकर बरसात के दिनों में यह रास्ता और अधिक खतरनाक हो जाता है।

कलेक्टर से न्याय की मांग:

कोठियां गांव में निवासरत आदिवासी समुदाय के लोगों ने जिले के कलेक्टर धरणेंद्र जैन से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पनपथा से कोठियां मार्ग का वास्तविक मुरूमीकरण सड़क निर्माण कराया जाए और जर्जर पुलिया के स्थान पर नया पुल निर्माण कराया जाए।

इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि सड़क निर्माण के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आदिवासी क्षेत्र के लोगों का प्रशासन से विश्वास उठ जाएगा।

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