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UGC: यूजीसी नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, रामलीला मैदान, जंतर-मंतर से की ये मांग

admin
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UGC: यूजीसी नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, रामलीला मैदान, जंतर-मंतर से की ये मांग

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार देश को विश्व के पटल पर सबसे बड़ी शक्ति के रूप में बनाने की बात करती है, लेकिन उसे बताना चाहिए कि अपने ही सबसे प्रतिभाशाली छात्रों को जेल में डालकर वह देश का नाम कैसे रोशन करेगी। लोगों ने सरकार से इन नियामों को तत्काल वापस लेने की मांग की।

 

यूजीसी नियमों के खिलाफ रविवार को सवर्ण समाज दिल्ली की सड़कों पर उतरा। सवर्ण समुदाय के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी और उन्हें हाउस अरेस्ट करने के बाद भी बड़ी संख्या में सामान्य वर्ग के युवा दिल्ली के रामलीला मैदान और जंतर-मंतर पहुंचे और यूजीसी नियमों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।

युवाओं ने कहा कि सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए जो सभी समाज और सभी वर्ग के हितों की रक्षा करे। युवाओं ने कहा कि नियम-कानून की आड़ में लगातार सामान्य वर्ग का उत्पीड़न होता रहा है, लेकिन अब बच्चों को कॉलेज स्तर पर भी प्रताड़ित करने की तैयारी की जा रही है। यह हर हाल में रुकना चाहिए।

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प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई कहासुनी
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटने के बाद उनकी पुलिस जवानों से जमकर कहासुनी हुई। रामलीला मैदान में भी जोरदार प्रदर्शन करने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर दूर ले गई। सुरक्षा बलों का कहना था कि रविवार को यूजीसी के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। लेकिन इसके बाद भी हजारों प्रदर्शनकारी रामलीला मैदान पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अयोध्या से सवर्ण आंदोलन में भागीदारी करने जंतर-मंतर पहुंची आरती तिवारी ने अमर उजाला से कहा कि  भाजपा और आरएसएस हमेशा हिंदू समाज की एकता की बात करते हैं, लेकिन यूजीसी नियमों ने हमारे बच्चों को ही अलग-अलग वर्गों में बांटने का रास्ता तैयार कर दिया है। बिहार के रणधीर सिंह ने कहा कि सरकार को केवल अमीर और गरीब दो वर्ग बनाने चाहिए। यदि छात्र गरीब है तो उसे बिना कोई भेदभाव किए सभी सुविधाएं देनी चाहिए।

चुनावों के बहिष्कार की अपील
प्रयागराज से आए छात्र अमित शुक्ला ने कहा कि वे भाजपा या सरकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यदि सरकार ने यूजीसी नियमों को वापस नहीं लिया तो वे चुनावों का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि एक कानून बनाकर उन्हें अपने ही देश में दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

धर्मराज सिंह ने अमर उजाला से कहा कि पूरे देश में एससी/एसटी एक्ट का दुरूपयोग करते हुए सवर्ण समाज के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर पूरे-पूरे परिवार के साथ जेल में डाला जा रहा है। आज तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। लेकिन अब सवर्ण समुदाय के बच्चों को स्कूल कॉलेज में ही कानून के फंदे में फंसाकर जेल में डालने की साजिश रची जा रही है।

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