महाराष्ट्र की बिजनस वूमेन, 2467 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने किया गिरफ्तार, जानिए अर्चना कुटे कौन

- महाराष्ट्र की बिजनस वूमेन, 2467 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने किया गिरफ्तार, जानिए अर्चना कुटे कौन
- ED ने वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कर्रवाई की है। मुंबई जोनल कार्यालय ने अर्चना कुटे को गिरफ्तार किया है। ईडी ने 2 मार्च को उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मेसर्स ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड (डीएमसीसीएसएल) और उससे जुड़े वित्तीय घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई है।
ED ने वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कर्रवाई की है। मुंबई जोनल कार्यालय ने अर्चना कुटे को गिरफ्तार किया है। ईडी ने 2 मार्च को उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मेसर्स ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड (डीएमसीसीएसएल) और उससे जुड़े वित्तीय घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई है।

गिरफ्तारी के बाद अर्चना कुटे को मुंबई स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए 7 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की उस जांच के तहत की गई है, जिसकी शुरुआत महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस थानों में मई से जुलाई 2024 के बीच दर्ज कई एफआईआर के आधार पर हुई थी। इन एफआईआर में आरोप है कि सुरेश कुटे और उनके सहयोगियों ने ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के जरिए निवेशकों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की।
जांच में यह सामने आया कि सोसायटी ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 12 से 14 प्रतिशत तक ऊंचे रिटर्न का लालच देते हुए विभिन्न जमा योजनाएं शुरू की थीं। इन योजनाओं में बड़ी संख्या में लोगों ने पैसा निवेश किया, लेकिन बाद में निवेशकों को उनकी जमा राशि का भुगतान नहीं किया गया या आंशिक भुगतान किया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।




