बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय, कब होगा नई सरकार का गठन? बड़ा अपडेट
बिहार की राजनीति में 5 मार्च 2026 की तारीख एक बड़े युगांतकारी बदलाव की गवाह बनी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही यह साफ हो गया है कि अब बिहार की कमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हाथों में जाने वाली है।
नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के नाम को लेकर जो ताजा अपडेट्स सामने आए हैं, वे नीचे विस्तार से दिए गए हैं:
📅 सरकार गठन का टाइमलाइन: 10 अप्रैल है ‘डेडलाइन’
सूत्रों और राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, बिहार में सत्ता का हस्तांतरण तुरंत नहीं होगा। इसके पीछे एक तकनीकी और संवैधानिक प्रक्रिया है:
नामांकन: नीतीश कुमार ने 5 मार्च को नामांकन भरा। राज्यसभा चुनाव के नतीजे 16 मार्च को आएंगे।
इस्तीफा: नीतीश कुमार 10 अप्रैल 2026 तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। दरअसल, राज्यसभा का नया कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा, इसलिए वे इसी तारीख के आसपास अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेंगे।
नई शपथ: माना जा रहा है कि 10 से 12 अप्रैल के बीच बिहार में नई एनडीए (NDA) सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा।
नोट: बीजेपी अपनी पुरानी परंपरा के अनुसार किसी ‘सरप्राइज नेम’ (जैसे संजीव चौरसिया या कोई नया चेहरा) को लाकर भी चौंका सकती है।
🛡️ जेडीयू की नई भूमिका: ‘निशांत’ का उदय
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) सरकार में ‘छोटे भाई’ की भूमिका में होगी, लेकिन उसकी हिस्सेदारी महत्वपूर्ण रहेगी:
निशांत कुमार: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री लगभग तय है। चर्चा है कि उन्हें नई सरकार में उपमुख्यमंत्री या कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
विजय कुमार चौधरी: जेडीयू के एक और वरिष्ठ नेता को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है ताकि सरकार में संतुलन बना रहे।
🗣️ बयानों की ‘गर्मी’: पक्ष और विपक्ष
अमित शाह: उन्होंने नीतीश कुमार के कार्यकाल को “स्वर्णिम पृष्ठ” बताया और उनके राष्ट्रीय राजनीति में आने का स्वागत किया।
गिरिराज सिंह: उन्होंने संकेत दिया कि नई सरकार भी नीतीश के “मार्गदर्शन” में ही काम करेगी।
तेजस्वी यादव (RJD): उन्होंने इसे बीजेपी का “मानसिक टॉर्चर” बताया और दावा किया कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को किनारे कर दिया है।
कांग्रेस: कांग्रेस का आरोप है कि नीतीश कुमार ने अपने बेटे को राजनीति में ‘सेट’ करने के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी कुर्बान कर दी।


