शिक्षा के जनक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई

शिक्षा के जनक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई

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सतना,अनिल कुशवाहा की रिपोर्ट

डालीबाबा मंदिर के पीछे डेलोरा रोड कैलाश कुशवाहा जी के फॉर्म हाउस में शिक्षा के जनक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई जिस के मुख्य अतिथि सतना के समाजसेवी रामप्रसाद कुशवाहा जी रहे

रामप्रसाद कहना है  देशभर में शिक्षा के जनक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहिए:

 

तिजिया बाई हेल्थ एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी के द्वारा शिक्षा के जनक राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई इस अवसर पर सोसायटी के अध्यक्ष प्रो.राम प्रसाद कुशवाहा ने महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शिक्षा के जनक व सामाजिक क्रांति के अग्रदूत नारी शिक्षा और समानता के अधिकार के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले सहित सावित्री बाई फुले की जयंती के दिन देश में शिक्षक दिवस के रूप मनाना चाहिए और राष्ट्रीय अवकाश घोषित होना चाहिए क्योंकि जो कार्य शिक्षा के क्षेत्र में जनता के लिए ज्योतिबा फूले और सावित्री बाई फुले ने अंग्रेजो के द्वारा गुलाम भारत के समय में किया था वो काम आज तक किसी भी महापुरुष ने शिक्षा के क्षेत्र में नहीं किया बल्कि आज की वर्तमान सरकार शिक्षा के क्षेत्र सही कार्य नहीं कर रही है और राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले यह मानते थे कि जब तक भावी पीढ़ी का निर्माण करने वाली महिलाएं अशिक्षा के अंधकार में डूबी रहेंगी तब तक हमारा देश व समाज की सही उन्नति नहीं हो सकती है और इसीलिए उन्होंने महिलाओं को शिक्षित करने का निर्णय लिया जब इस कार्य के लिए उन्हें कोई महिला शिक्षिका नहीं मिली तब उन्होंने अपनी पत्नी सावित्री बाई फुले को शिक्षित कर शिक्षिका बनाया जिससे वह महिलाओं को शिक्षित करने काम किया और महात्मा फुले ने सन 1848 में प्रथम महिला विद्यालय की स्थापना किया और इसी विद्यालय में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा देने का कार्य किया व महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाया था। महात्मा फुले ने किसानों और मजदूरों के हितों व उनके खुशहाल जीवन के लिए अनेकों प्रयास किया और उन्हें शिक्षित कर संगठित किया। जिससे गरीब मजदूर अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने लायक बन सकें उन्होंने देश के युवाओं से आह्वान किया था कि वे देश,समाज, संस्कृति को सामाजिक बुराइयों तथा अशिक्षा से मुक्ति हो सकें और स्वस्थ, समृद्ध व मजबूत समाज के निर्माण के लिए योगदान देना होगा इस माैके पर सोसायटी के अध्यक्ष प्रो राम प्रसाद कुशवाहा, सचिव प्रेम कुमार, रानी राधा कुशवाहा,शुशील कुशवाहा, शुभम कुशवाहा,राहुल कुशवाहा,अर्पित त्रिपाठी, आकाश विश्वकर्मा,दीपक द्विवेदी,मो.मोसिम मनीष, आदि लोग मौजूद रहे

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