यूपी सरकार ने दिए आदेश आंशिक कोरोना कर्फ्यू में आवश्यक और अनिवार्य सेवाएं जारी रखा जाय।

इस खबर को दूसरों तक भेजें
  •  
  •  
  •  
  •  

     

   पंकज सिंह ब्यूरो चीफ प्रयागराज:

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार सतत आवश्यक कदम उठा रही है। वर्तमान में 06 मई प्रातः 07 बजे तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी है। इस अवधि में आवश्यक और अनिवार्य सेवाएं सतत जारी रखी जाएं।। दवा, सब्जी, किराना की दुकानें, औद्योगिक इकाइयां आदि सतत संचालित रहें। कहीं भी अनावश्यक भीड़ न लगे।

– आंशिक कोरोना कर्फ्यू के कारण कहीं भी किसी श्रमिक, ठेला, रेहड़ी व्यवसायी, दैनिक मजदूर आदि को भोजन की समस्या न हो, ऐसे में ‘सामुदायिक भोजनालयों’ के संचालन की आवश्यकता है। कृषि उत्पादन आयुक्त स्तर से इस संबंध में आवश्यक प्रयास किए जाएं। औद्योगिक इकाइयों में भोजन का आदि का आवश्यकतानुसार प्रबन्ध रहे। कोई भी व्यक्ति भोजन के अभाव में परेशान न हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।

– कोविड पर प्रभावी नियंत्रण और आवश्यक रणनीति के लिए राज्य स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का एक सलाहकार पैनल तैयार किया जा रहा है। यह पैनल राज्य स्तरीय टीम-09 को समय-समय पर परामर्श देगी साथ ही सभी कोविड हॉस्पिटल प्रभारियों/मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों से सतत संपर्क में रहेगी। उनका मार्गदर्शन करती रहेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का परामर्श रणनीति तैयार करने में उपयोगी होगा।

– कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। मेडिकल एजुकेशन, स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी कोविड मरीजों के उपचार के लिए क्रियाशील किया गया है। जरूरत बेड की संख्या बढ़ाने की है। हमें सभी जिलों में बेड्स की वर्तमान क्षमता को दोगुना करना होगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री स्तर से कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए।

– लखनऊ में एचएएल द्वारा 250 बेड का हॉस्पिटल जल्द ही क्रियाशील ही जायेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां के लिए मानव संसाधन की व्यवस्था कराई जाए। इसी प्रकार लखनऊ और वाराणसी में डीआरडीओ के सहयोग से सभी सुविधाओं से युक्त नया कोविड अस्पताल भी तैयार किया गया है। केजीएमयू में 140 बेड और बढ़ जाएंगे। लखनऊ में ही कैंसर हॉस्पिटल में विशेष कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल क्रियाशील हो रहा है।

– कोविड संक्रमण से गांवों को सुरक्षित रखने के लिए 05 मई से विशेष कोविड टेस्टिंग अभियान शुरू हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वृहद अभियान के सम्बंध में टेस्ट किट, आरआरटी की संख्या आदि में बढ़ोतरी सहित सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाए।

– सभी जिलों में एक-एक ऑक्सिजन रीफिलर को होम आइसोलेशन के मरीजों को आपूर्ति करने के लिए नामित किया जाए। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन जरूर उपलब्ध कराया जाए। यह व्यवस्था सभी जिलों में प्रभावी ढंग से लागू की जाए। यदि किसी मरीज का परिजन सिलिंडर रीफिलिंग के लिए प्रयासरत हो तो उसकी मदद की जाए। पुलिस द्वारा किसी प्रकार के उत्पीड़न किये जाने की शिकायत न आये। अपर मुख्य सचिव, गृह इस संबंध में आवश्यकतानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

– प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर करने के लिए सभी जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। कल 788 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्रदेश में वितरित की गई है। ऑक्सीजन ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अनावश्यक खपत में कमी आई है। हर जिले की मांग, आपूर्ति और खपत का दैनिक विवरण मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए।

– 10 टैंकर वाली एक विशेष ऑक्सिजन एक्सप्रेस आज दोपहर में लखनऊ आ रही है। अगले एक-दो दिवस के भीतर जामनगर (गुजरात) से 40 टन ऑक्सीजन के साथ ऑक्सीजन एक्सप्रेस आएगी। पश्चिम बंगाल से भी टैंकर से ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। सभी जिलों में आक्सीजन की जरूरत पर नजर रखी जाए। अपेक्षाकृत कम संक्रमण वाले जिलों की ऑक्सीजन की जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।

– अयोध्या में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को पुनः संचालित कराया जा रहा है। 34 जिलों में 50-50 बेड वाले सीएचसी में गन्ना विकास विभाग एवं आबकारी विभाग द्वारा चीनी मिलों और डिस्टिलरीज के माध्यम से ऑक्सीजन जेनेरेशन की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।एमएसएमई इकाइयों से भी सीधे अस्पतालों को जोड़कर आपूर्ति कराई जा रही है। भारत सरकार को 61 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। 14 जिलों में पीएम केयर्स से प्लांट स्थापना का कार्य जारी है। नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की कार्यवाही तेजी से पूरी की जाए। इसकी हर दिन समीक्षा की जाए।

– कोविड टीकाकरण का कार्य प्रदेश में सुचारू रूप से चल रहा है। 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण सात जिलों में सोमवार से शनिवार तक हर दिन हो रहा है। वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक के भारतीय विकल्पों के साथ- साथ अन्य वैश्विक संस्थाओं से संपर्क में है। इसके लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया जा रहा है। इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।

– स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। इसके लिए फायर विभाग के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग के सम्बन्ध में प्रवर्तन की कार्यवाही प्रभावी ढंग से जारी रखी जाए। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति पूरी सक्रियता से कार्य करें। औद्योगिक इकाइयों में कोविड प्रोटोकाॅल का पालन कराते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं।
– आइसीसीसी, कोविड प्रबंधन की रीढ़ है। लखनऊ सहित सभी जिलों में आइसीसीसी के कार्मिक मरीजों/परिजनों को समुचित जानकारी दें। व्यवहार संवेदनशील रखें। डीएम व सीडीओ हर दिन यहां भ्रमण कर निरीक्षण जरूर करें। दैनिक बैठक यहीं होनी चाहिए। जिलों में कोविड व नॉन कोविड मरीजों के लिए टेलीकन्सल्टेशन सुविधा को और बेहतर किये जाने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *