ब्यौहारी – डॉ. शशि सिंह को पीएचडी की उपाधि प्राप्त हुई है, जो उनकी शिक्षा और समर्पण की कहानी को एक नई दिशा देती है। उन्होंने वर्ष 2020 से छत्तीसगढ़ के कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर से “रिप्रेजेंटिंग डायसपोरिक कॉन्सियसनेस विथ रेस्पेक्ट टू कॉस्ट एंड जेंडर इन द वर्क ऑफ अनीता नायर” विषय पर शोध कार्य किया।
उनके इस महत्वपूर्ण शोध कार्य का मार्गदर्शन डॉ. शिल्पी भट्टाचार्य ने किया, जो कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर में अपने क्षेत्र की एक प्रमुख विशेषज्ञ हैं। चार वर्षों की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के बाद डॉ. शशि सिंह ने इस उच्चतम उपाधि को हासिल किया है।
पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद जब डॉ. शशि सिंह अपने घर लौटे, तो उनके स्वागत में एक उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। स्थानीय समुदाय और उनके परिवार ने उनकी इस सफलता का खुशी-खुशी स्वागत किया, जो उनकी शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और प्रयासों की प्रतीक है।
डॉ. शशि सिंह ने शासकीय महाविद्यालय में अपनी सेवाएं दी हैं और उनकी यह नई उपलब्धि न केवल उनके करियर की एक महत्वपूर्ण सफलता है, बल्कि एक प्रेरणादायक कहानी भी है जो कई लोगों को शिक्षा के प्रति उनके जुनून को बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगी।