कौशाम्बी : जनपद में दो लाश मिलने से मचा कोहराम, पुलिस पर उठ रहे सवाल

कौशाम्बी । यूपी के कौशाम्बी में कोखराज थाना क्षेत्र में अज्ञात शवो को ठिकाने लगाने का सिलसिला जारी है ,गैर जनपद की सीमा से सटे होने के चलते अज्ञात शव बाहर से लाकर यहां फेंक दिया जाता है ये कहना है कौशाम्बी पुलिस का । ताजा मामला मंगलवार की सुबह का है जब सड़क किनारे लोगो ने एक महिला शव देखा तो लोगों में हड़कंप सा मच गया, अभी लोग महिला के शव की शिनाख्त करने का प्रयास ही कर रहे थे कि एक मासूम बच्चे का भी शव महिला के शव से लगभग 300 मीटर की दूरी पर पड़ा हुआ मिला । महिला और बच्चे की हत्या की गई थी इतना ही नहीं दरिंदे हत्यारे ने महिला की हत्या के बाद पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर एसिड भी डाला था । घटना की सुचना मिलने के उपरान्त मौके पर पहुंची कोखराज थाना की पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी, इसी दरम्यान जानकारी हेतु घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुचे अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने मौके का मुआयना करते हुए मीडियाकर्मियों को बताया कि महिला और बच्चे का शव मिला है जोकि अंदाजन दोनों माँ बेटे लग रहे है एवं शवों के शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। चेहरा झुलसा होने की स्थिति पे कहा कि अभियुक्तों द्वारा पहचान छिपाने के लिए महिला के चेहरे पर कुछ डाला भी गया है, हत्या के कारणों की जांच की जा रही है जिसके लिए शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। आख़िरकार आये दिन बढ़ते अपराध के चलते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या सहित योगी शासन पर फिर से ऊँगली उठने का सवाल खड़ा हो गया है, वहीँ आमजन में चर्चा का विषय था कि योगी सरकार में क़ानून व्यवस्था पर कोई लगाम नहीं है। इतना सब होने के बाद जिले के पुलिस कप्तान का कहना रहा है कि शव को कहीं और से हत्या करके लाया गया है जिसपे पुलिस की पुलिसिंग पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है कि आख़िरकार जनपद में गैर जनपदीय लोग हत्या की वारदात को अंजाम देकर शव को ठिकाने लगाने हमारे जिले में बेधडल्ले से चले जाएं जबकि शासन की मोटी पगार पाने वाले जिले की पुलिस कुम्भकर्णीय नींद सोती रही। आख़िरकार पुलिस के पास इतना सब कुछ होने के बाद भी इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? इतनी बड़ी घटना को अंजाम देकर बाहरी व्यक्ति आसानी से आकर निकल गया तब हमारी पुलिस क्या कर रही थी? इतना होने के बाद भी बढ़ रहे अपराध को नियंत्रण न कर सकने का दोषी कौन? क्या इस दोष की जिम्मेदारी कोई बड़ा अधिकारी लेगा या थाना स्तरीय अधिकारी पर गिरेगी गाज? ये ऐसे यक्ष प्रश्न हैं जिसका जवाब जनपद का प्रत्येक बच्चा – बच्चा जिले के मुखिया सहित अपने लीडरान खासकर वर्तमान सत्तारूढ़ नेताओं से सहमी आवाज में पूंछ रहे आख़िरकार उनकी जान माल की हिफाज़त खतरे में है व कौन हिफाज़त की जिम्मेदारी लेगा?

चोरी को रोकने में भी विफल रही कोखराज पुलिस

कोखराज थाना व मूरतगंज पुलिस के बीच में कई लूट की घटनाएं भी घट चुकी है जिसका पुलिस ने आज तक कोई सुराग भी नहीं ढूंढा है जिससे जनता में कोखराज पुलिस के प्रति काफी रोष है । बताते चलें कि पिछले दिनों की कई लूट की वारदातें पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी कि हाल ही में मूरतगंज पुलिस चौकी व कस्बा बूथ के मध्य बाइकों का चोरी होना एवं एक पत्रकार के कॉमन सर्विस सेंटर सह मनी ट्रांसफर शॉप से लुटेरों द्वारा लूट का अंजाम देना लुटेरों की बहादुरी एवं पुलिस की निष्क्रियता साबित हुई है। आमजनमानस में बड़ा सवाल है कि भाजपा सरकार के दावे सबका साथ सबका विकास की हवा निकल रही है और आम आदमी चैन की नींद नहीं सो पा रहा है तो दूसरी तरफ पुलिस विभाग से सवाल है कि डायल 100 के रातों दिन गश्त करने व रात में पुलिस गश्त होने के बाद भी वारदात वो भी ऑन रोड घटित होना क्या पुलिस की निष्क्रियता नही है या चोरी के खेल में लुटेरों से सहभागिता साबित नहीं हो रही है । आख़िरकार इतनी बड़ी घटनाएं आये दिन घट रही हैं लेकिन कोई भी नैतिक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है जिससे साबित हो रहा है कि जिले की पुलिस कितनी घाघ बनी बैठी है जिसका आमजन की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।

प्रियंका यादव की खास रिपोर्ट